
जरवल में धूमधाम से हुई गोवर्धन पूजा, मंदिरों और घरों में लगा अन्नकूट का महाभोग

बहराइच । जरवल में बुधवार देर शाम गोवर्धन पूजा का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शाम 7 बजे से रात 11बजकर 42 मिनट तक मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई।इस दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की।ग्रामीण श्रद्धालुओं ने अपने घरों में गोबर से गोवर्धन महाराज की प्रतिकृति बनाकर विधि-विधान से पूजा की।
महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा थाल सजाए और गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर अन्नकूट का आयोजन किया। बाबा खाकी दास मन्दिर में
भक्तों ने दीपक जलाकर भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की आराधना की। पूजा के बाद मंदिरों में प्रसाद वितरण किया गया। बच्चों और युवाओं में भी इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया।दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है।
मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर वृंदावनवासियों को इंद्र देव के प्रकोप से होने वाली भारी बारिश और तूफान से बचाया था। यह पूजा भगवान कृष्ण के इस चमत्कारी कार्य और इंद्र के अहंकार को नष्ट करने के उपलक्ष्य में की जाती है, जो प्रकृति और कृषि के प्रति सम्मान भी दर्शाती है।
मंदिर के पुजारी ने बताया कि यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र के अभिमान को तोड़ने और गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की स्मृति में अनादि काल से दीपावली पर्व के बाद मनाया जाता है।











